"वंदे भारत एक्सप्रेस की नई रफ्तार: मध्यप्रदेश में होगी धाकड़ सेवा!"
भोपाल: देश में वंदे भारत के आने के बाद रेल परिवहन सेवा भी अब हवाई जहाज से कम नहीं है. वंदे भारत जैसी ट्रेनों के अंदर जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं. वहीं, इन ट्रेनों की खास रफ्तार के कारण लोगों को दूरी का पता भी नहीं चलता. हालांकि, अभी देश के कुछ ही मार्गों पर वंदे भारत जैसी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. लेकिन केंद्र सरकार की मंशा है कि जल्द से जल्द देश के अधिकतर मार्गों में वंदे भारत की सुविधा मिले. इस बीच मध्य प्रदेश को एक और नई प्रीमियम वंदे भारत मिलने जा रही है.
जून के आखिर तक मिल सकती है रैक
बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन का निर्माण किया जा रहा है. इसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. निर्माण एजेंसी ने रेलवे को पूरा काम खत्म करने के लिए 30 जून तक का समय मांगा है. इसके बाद यह पिट लाइन रेलवे को सौंप दी जाएगी. इसके तैयार होते ही भोपाल रेल मंडल को प्रीमियम वंदे भारत की एक रैक मिलेगी. इसमें 8 कोच होंगे, जो सभी चेयरकार होंगे.
7 घंटे में तय होगी 590 किमी की दूरी
वर्तमान में भोपाल से सीधे लखनऊ के लिए नियमित ट्रेनों की कमी है, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. वहीं, भोपाल से लखनऊ की दूरी करीब 590 किलोमीटर है. इतनी दूरी तय करने के लिए नियमित ट्रेन 9 से 11 घंटे का समय लेती हैं. लेकिन इस मार्ग पर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से लखनऊ तक वंदे भारत चलने के बाद यह दूरी 7 से 8 घंटे में तय होगी. अधिकारियों ने बताया कि आरकेएमपी से लखनऊ वंदे भारत सप्ताह में 6 दिन चलेगी.
पिट लाइन बनने के बाद दौड़ेगी वंदे भारत
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीएमई आरपी खरे ने बताया, '' रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जाएगा. साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा. यहां बनने वाली तीसरी पिट लाइन केमटेक डिजाइन की है, जो दो पुरानी लाइनों की तुलना में तकनीकी संसाधनों से लैस है. इस पिट लाइन में जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) के तकनीकी सहयोग से बनाए जा रहे नए कोचों का आसानी से सुधार किया जा सकेगा. जैसे ही तीसरी पिट लाइन हमें हैंडओवर होगी, उसके बाद भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत की रैक भोपाल रेल मंडल को मिल जाएगी."

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