अहमदाबाद हादसे के बाद लंदन और फ्रैंकफर्ट से भारत आ रहे विमान के सामने आई बड़ी मुसीबत
नई दिल्ली। भारत आने वाली दो बड़ी विमानों को रविवार और सोमवार को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से चेन्नई के लिए निकली ब्रिटिश एयरवेज की बोइंग ड्रीमलाइनर को तकनीकी खराबी की वजह से वापस लौटना पड़ा। वहीं दूसरी दूसरी फ्लाइट लुफ्थांसा की थी। ये भी बोइंग की ड्रीमलाइनर विमान है। ये फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद जा रही थी, लेकिन बम की धमकी के चलते उसे भी वापस फ्रैंकफर्ट जाना पड़ा।
डोवर की खाड़ी के ऊपर काटे कई चक्कर, फिर वापस लौटना पड़ा
ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA35 रविवार को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से दोपहर 1:16 बजे चेन्नई के लिए उड़ी। लेकिन टेक ऑफ के कुछ देर बाद पायलट को तकनीकी खराबी का पता चला। फ्लाइट रडार24 के मुताबिक, इस जहाज ड्रीमलाइनर ने डोवर की खाड़ी के ऊपर कई चक्कर काटे और फिर वापस हीथ्रो लौट आई।
ब्रिटिश एयरवेज ने अपने बयान में कहा, "हमारी फ्लाइट को एक छोटी तकनीकी खराबी की वजह से एहतियातन हीथ्रो हवाई अड्डे पर वापस लाना पड़ा। विमान सुरक्षित लैंड हुआ। यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। हमारी टीमें यात्रियों के सफर को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की कोशिश में जुटी हैं।"
बम की धमकी की वजह से विमान को जर्मनी लौटना पड़ा
दूसरी तरफ, फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद जा रही लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752 को भी रविवार देर रात बीच रास्ते से लौटना पड़ा। इस उड़ान को बम की धमकी मिली थी, जिसके चलते उसे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की इजाजत नहीं मिली। फ्लाइट अवेयर के मुताबिक, ये विमान बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर था।
लुफ्थांसा ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "हमें हैदराबाद में लैंड करने की इजाजत नहीं मिली, इसलिए विमान को वापस फ्रैंकफर्ट लौटना पड़ा।"
हैदराबाद हवाई अड्डे के एक सीनियर अफसर ने भी पुष्टि की कि बम की धमकी का मैसेज तब मिला, जब विमान अभी इंडियन एयर स्पेस में दाखिल नहीं हुआ था। इस वजह से विमान ने भारत में लैंड नहीं किया और फ्रैंकफर्ट लौट गया।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव