हंगामे की वजह से राज्यसभा में नहीं हो सका शून्यकाल और प्रश्नकाल
नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस आसन द्वारा खारिज होने के विरोध में विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक शुरू होने के 10 मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। हंगामे की वजह से सदन में गुरुवार को भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका। राज्यसभा की बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखे। इसके बाद उन्होंने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर नियत कामकाज स्थगित कर चर्चा करने के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 25 नोटिस मिले हैं। उपसभापति ने बताया कि ये नोटिस पूर्व में दी गई व्यवस्था के अनुरूप नहीं मिले अत: इन्हें खारिज कर दिया गया है। इस पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी, द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य दलों के सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर ‘डिस्कशन, नॉट डिलीशन’ (चर्चा करो, नाम नहीं हटाओ) लिखा हुआ था। विपक्षी सांसदों ने ‘‘मोदी सरकार शर्म करो, शर्म करो’’ और ‘‘एसएआईआर वापस लो’’ के नारे लगाए।

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