नई दिल्ली: ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले जुडोका हर्ष सिंह को आगामी एशियाई खेलों (एशियाड) की भारतीय टीम में जगह नहीं मिल पाई है। सिर्फ हर्ष ही नहीं, बल्कि 63 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम करने वाली उन्नति शर्मा को भी एशियाड दल में शामिल नहीं किया गया है। खेल मंत्रालय द्वारा एशियाई खेलों के लिए केवल तीन महिला जुडोकाओं के नामों को मंजूरी दी गई है, जबकि मंत्रालय के मानकों पर कोई भी पुरुष जुडोका खरा नहीं उतर सका है।

क्या है चयन का मुख्य कारण?

खेल मंत्रालय के नियमों के अनुसार, एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए एशिया में शीर्ष छह की रैंकिंग होना अनिवार्य किया गया है। इस मानदंड पर राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे, यामिनी मौर्या और एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता इनुगांबी ही खरी उतरी हैं। फिलहाल, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने इन तीनों महिला जुडोकाओं को ही हरी झंडी दी है। इस फैसले के बाद हर्ष और उन्नति ने खेल राज्य मंत्री के समक्ष गुहार लगाई है कि उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और पदकों को ध्यान में रखते हुए उन्हें एशियाड टीम में मौका दिया जाए।

जूडो फेडरेशन ने की थी छह खिलाड़ियों की सिफारिश

एशियाई खेलों के लिए जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (जेएफआई) ने अपनी तरफ से तीन पुरुष और तीन महिला जुडोकाओं का नाम चुना था, जिसमें अरुण कुमार, श्रद्धा और हर्ष भी शामिल थे। हालांकि, अरुण कुमार के डोप टेस्ट में फंसने और हर्ष व श्रद्धा के एशिया में शीर्ष छह की रैंकिंग नीति को पूरा न कर पाने के कारण उनके चयन पर पेच फंस गया। यही वजह रही कि इन दोनों के साथ-साथ उन्नति को भी अंतिम सूची में जगह नहीं मिल सकी।

जेएफआई के अधिकारियों का मानना है कि एशियाई खेलों में मुकाबला बेशक कड़ा होता है, लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं के मनोबल और उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें इन प्रतिष्ठित खेलों में जरूर मौका मिलना चाहिए। फेडरेशन इस मामले को लेकर मंत्रालय और साई के अधिकारियों के संपर्क में है।