माघ महीने में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का है विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार 11वां महीना माघ का महीना होता है। इस माह में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व होता है। माघ के महीने में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस दौरान जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णुजी की पूजा-आराधना करने से भी विशेष फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से घर में धन, सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं माघ महीने की शुरुआत कब हो रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति के दिन से ही माघ का महीना शुरु हो गया। वहीं12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा के दिन माघ महीने का समापन होगा।
माघ में महीने में क्या करना चाहिए। इस माह में गरीबों और जरुरतमंदों को अपने क्षमतानुसार अन्न-धन का दान करें। माघ के महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना काफी पुण्यफलदायी माना जाता है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन के सभी पाप-कष्ट दूर होंगे।
माघ के महीने में तिल और गुड़ का सेवन करना उत्तम माना गया है।
इस माह में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा-आराधना करना चाहिए।
माघ में नियमित तुलसी के पौधे पर जल अर्पित करें और माता तुलसी की पूजा करनी चाहिए।
माघ के महीने में भोजन, वस्त्र और तिल का दान करना शुभ होता है।
माघ महीने में क्या नहीं करें
माघ महीने में मांस-मदिरा सहित तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए।
इस अवधि में घर की साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए।
इस महीने में क्रोध से बचना और अपशब्दों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।
माघ महीने में बड़े-बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।
इस अवधि के दौरान किसी भी सदस्यों से व्यर्थ में वाद-विवाद न करें और घर में शांति बनाएं रखें।

वनवास काल की स्मृतियां होंगी ताज़ा: राम वन गमन पथ पर दिखेगी प्रभु श्रीराम के 14 वर्षों की झलक
कई मैचों में 100+ रन बनाने वाले खिलाड़ी हार का हिस्सा
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा पर चर्चा तेज
आर-पार की जंग: सस्पेंड आईएएस अधिकारी ने खोली फाइलें, मुख्यमंत्री पर जड़े सार्वजनिक धन की बर्बादी के आरोप
शराब कारोबार और अवैध कमाई के लिंक की जांच