नई दिल्ली। भारत की विदेश नीति को कैरेबियाई देशों के साथ और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से विदेश मंत्री एस जयशंकर वर्तमान में तीन देशों की आधिकारिक यात्रा पर हैं। 2 से 10 मई 2026 तक चलने वाले इस विदेश दौरे के दौरान वे जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद व टोबैगो के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देंगे। इस यात्रा की शुरुआत जमैका से हुई, जहाँ कूटनीति के साथ-साथ खेलों के प्रति साझा प्रेम की झलक भी देखने को मिली।

क्रिकेट और कूटनीति का मेल

जमैका की राजधानी किंग्स्टन में विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस से मुलाकात की। इस दौरान भारत की ओर से जमैका के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान सबीना पार्क को एक आधुनिक 'इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड' उपहार स्वरूप भेंट किया गया।

  • मैत्री का प्रतीक: सोशल मीडिया पर साझा किए संदेश में जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका के रिश्तों की नींव 'रनों, सम्मान और गहरी दोस्ती' पर टिकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह स्कोरबोर्ड दोनों देशों की अटूट मित्रता और यादगार क्रिकेट पारियों का गवाह बनेगा।


भारतीय समुदाय के साथ संवाद

जमैका में प्रवास कर रहे भारतीय मूल के लोगों से बातचीत करते हुए विदेश मंत्री ने उनके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंधों ने एक नई रफ्तार पकड़ी है।

  • नया भारत: जयशंकर ने भारतीय समुदाय को भारत में हो रहे बड़े बदलावों से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से तकनीक आधारित शासन (Tech-based Governance), मजबूत बुनियादी ढांचे और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख किया।


ऐतिहासिक विरासत को नमन

विदेश मंत्री ने ओल्ड हार्बर का दौरा किया, जो भारतीय प्रवासियों के इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है।

  • 180 साल पुराना इतिहास: करीब 180 साल पहले भारतीय इसी तट पर पहुँचे थे। यहाँ जयशंकर ने भारतीय मूल के लोगों की सांस्कृतिक जड़ों और उनकी परंपराओं के प्रति निष्ठा की प्रशंसा की।

  • उन्होंने जमैका के पर्यटन मंत्री एडमंड बार्टलेट और संस्कृति मंत्री ओलिविया ग्रेंज का शानदार आतिथ्य के लिए आभार भी व्यक्त किया।


कैरेबियाई देशों के साथ रणनीतिक जुड़ाव

इस दौरे का उद्देश्य केवल व्यापारिक संबंध नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करना है।

  • साझा विरासत: जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद व टोबैगो जैसे देशों में गिरमिटिया समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, जो भारत के साथ एक गहरा भावनात्मक और ऐतिहासिक जुड़ाव महसूस करती है।

  • भारत इस क्षेत्र में अपने विकास मॉडल और साझेदारी के नए अवसरों को साझा कर वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को और विस्तार दे रहा है।