माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान से बंद किया अपना कामकाज
वाशिंगटन। टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 25 साल तक पाकिस्तान में काम करने के बाद वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनी अब अपने ग्लोबल प्लान के तहत क्लाउड-बेस्ड और पार्टनरशिप वाले मॉडल पर फोकस कर रही है। 2000 में माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान में अपना ऑफिस शुरू किया था, लेकिन अब वो वहां से सीधे काम नहीं करेगी। इसके बजाय, कंपनी अपने रीजनल ऑफिस और लोकल पार्टनर्स के जरिए कस्टमर्स को सर्विस देगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अरिफ अल्वी ने इस खबर को देश के लिए खराब संकेत बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये कदम दिखाता है कि पाकिस्तान में अनिश्चितता बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और टैलेंटेड लोग देश छोड़ रहे हैं। अल्वी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पहले पाकिस्तान में बड़ा ऑफिस खोलने की सोच रही थी, लेकिन वहां की अस्थिरता के चलते उसने वियतनाम को चुन लिया। पाकिस्तान के आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय ने सफाई दी कि माइक्रोसॉफ्ट पूरी तरह से देश छोड़ नहीं रही। कंपनी अब अपने रीजनल ऑफिस और पार्टनर्स के जरिए काम करती रहेगी।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (30 मार्च 2026)
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’
जंगल क्षेत्र में अवैध बोरवेल खनन पर वन विभाग की सख्त कार्यवाही, दो वाहन जब्त
भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव